Poetry

होटल का कमरा

यह मेरा दिल नहीं होटल का एक कमरा है, हर रोज एक मुसाफिर को आराम यहाँ करना है. आना है, ठहरना है, ठहरकर चले जाना है, बिस्तर पर यादों की सिलवटें छोड़ जाना है.. यह मेरा दिल नहीं होटल का एक कमरा है, हर रोज एक मुसाफिर को आराम यहाँ करना है.

Poetry

Raftar..

जाने क्यों ज़िंदगी की रफ़्तार थम सी गयी है,  सरपट दौड़ती कार को  ब्रेक सी लग गयी है.  बस थोड़ी दूर रह गयी थी मंज़िल,  पर क्यों यह बारिश पड़ने लगी है? यह धरती यह अम्बर,  सब मेरे लिए हैं,  जहाँ की सब ख़ुशियाँ,  मेरे लिए हैं.  पर क्यों यह बारिश पड़ने लगी है. उठ.… Continue reading Raftar..